पीस पार्टी

पीस पार्टी के बारे में


10 फरवरी 2008 में अपनी बुनियाद के बाद एक साल के सफर में ही पीस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया और उ.प्र. के 22 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार, कुल पड़े वोटों में से एक फीसदी से ज़्यादा वोट हासिल किया।

अपने पहले ही चुनाव में पीस पार्टी ने लोकसभा के इस चुनाव में हिस्सा लेने वाली पूर्व स्थापित करीब 116 दलों को पीछे छोड़ते हुए देश की छठवीं सबसे बड़ी पार्टी बनने का मकाम हासिल कर लिया।

इसके बाद झारखण्ड में हुए विधानसभा, महाराष्ट्र के नगरनिकाय और दिल्ली नगरनिगम के चुनाव में हिस्सा लेकर इन प्रान्तों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करायी।

साल 2012 में उ.प्र. विधानसभा चुनाव के लिये पीस पार्टी ने प्रदेश भर के 208 चुनाव क्षेत्रों से अपने उम्मीदवारों का मैदान में उतारा। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही पीस पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र खलीलाबाद-संत कबीरनगर से अपने कौमी सदर डा. मुहम्मद अय्यूब के साथ विधानसभा क्षेत्र कांठ-मुरादाबाद, डुमरियागंज सिद्धार्थ नगर एवं रायबरेली की चार सीटों पर जीत हासिल किया। पिछले लोकसभा चुनावों में मिले एक फीसदी वोटों से बढ़ कर पीस पार्टी का वोट प्रतिशत अब 3.37 फीसदी हो गया। यही नहीं अब पीस पार्टी वोट के मामले में राष्ट्रीय लोकदल से भी बड़ी पार्टी बन गयी। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। क्योंकि आजादी के बाद से अब तक प्रदेश में कोई भी सियासी पार्टी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ कर इतना वोट नहीं पा सकी है।

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