पीस पार्टी

संविधान


रंगनाथ मिश्रा कमीशन की सिफारिशें निम्न हैं।

अकलियतों को सरकारी नौकरियों एवं तालीमी एदारों में 15 फीसदी रिजर्वेशन जिसमें कम से कम 10 फीसदी मुसलमानों का हिस्सा हो।
या
  • मंडल कमीशन के सिफारिश की बुनियाद पर अन्य पिछड़ा वर्ग में अकलियत पिछड़े वर्ग को 8.44 फीसदी रिजर्वेशन जिसमें पिछड़े मुस्लिम वर्ग को कम से कम 6 फीसदी रिजर्वेशन मिले।
  • मुस्लिम दलितों को भी दलित हिन्दू, सिख, बौद्ध दलितों के बराबर दलित अनुसूचित जाति का रिजर्वेशन बिना किसी मज़हबी भेदभाव के दिया जाये।
  • मंडल कमीशन की सिफारिश व बिहार के तर्ज पर महादलित व अतिपिछड़ों को हुकुतम हासिल होने के पांच घण्टे के अन्दर अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग में आबादी के हिसाब से रिजर्वेशन।
  • सवर्ण समाज के अतिनिर्धन, अशिक्षित, असहाय वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था। जिसमें निर्धन ब्राहम्ण समाज को कम से कम 5 प्रतिशत आरक्षण।
  • ‘‘दो बोटी और पेट भर रोटी’’ पांच रूपये किलो मांस और दो रूपये किलो आटा, चावल केवल नारा नहीं पिछड़े वर्ग की खाद्य समस्या के लिए युद्ध का बिगुल है। पीस पार्टी के सत्ता में आने पर ऐसे अतिदलित और अतिपिछड़ों के पेट भर और दो बूटी का प्रबंधन करेंगे कि कुपोषण को दूर करने मदद मिले।
  • पीस पार्टी क्रीमीलेयर तबके के अलावा सभी अति-दलित, अति-पिछड़ा, एवं मुस्लिम को हुकूमत हासिल करने के पांच घण्टे के अन्दर बीपीएल कार्ड के लिये पात्र घोषित कर एक साल के अन्दर इस कार्ड की सुविधा दिलायेगी।
  • तालीम की कमी, बेकारी व झुग्गी-झोपड़ी रहित समाज की बुनियाद। हुकूमत में आने के तीन साल के अन्दर देहात एवं शहरी इलाकों के झुग्गी-झोपड़ियों व मलिन बस्तियों में रहने वालों तथा बुनकरों को सरकारी खर्च पर पक्का मकान दिलाये जाने और बच्चों के लिये तालीम एवं रोजगार का इन्तेज़ाम। इसके लिये पीस पार्टी की सरकार आवासीय एवं सामाजिक तरक्कियाती एदारा बनायेगी।
  • गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले हर फर्द को दो रू. प्रति किलोग्राम की दर से कम से कम 60 किलो अनाज (गेहूं, चावल, दाल) मुहैया कराने के साथ मुफ्त इलाज व तालीम की व्यवस्था।
  • किसानों, बुनकरों व दस्तकारों को बिना सूद के कर्ज दिलाने की व्यवस्था होगी।
  • पीस पार्टी भ्रष्टाचार व घूसखोरी के खात्मे के लिये समस्त सियासी पार्टियों, शासन/प्रशासन व समाचार पत्रों के ज़िम्मेदार पदों पर नियुक्ति से पहले नारकों टेस्ट (पाॅलीग्राफिक टेस्ट) कराया जाना सुनिश्चित करेगी ताकी उच्च पदों पर बैठने वालों की समाज व राष्ट्र के प्रति निष्ठा से आमजन परिचित हो और इन ओहदों पर स्वच्छ व ईमानदार व्यक्तियों की ही नियुक्ति हो।
  • गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार में लड़की के पैदा होते ही दस हजार रू. की रकम जमा कर दी जायेगी तथा कक्षा पांच की परीक्षा पास कर लेने के बाद आगे की पढ़ाई के लिये पच्चीस सौ रू. प्रति माह एवं बारहवीं कक्षा तक तथा इससे आगे की तालीम हासिल करने पर तीन हज़ार रूपये प्रति माह का वजीफा तालीम पूरी होने तक दी जायेगी। इस परिवार की लड़कियों के शादी का व्यय अधिकतम 50 हज़ार रू. तक पीस पार्टी सरकार की ज़िम्मेदारी होगी।
  • प्रत्येक परिवार को हैण्डपम्प तथा पाइप से साफ पीने के पानी की व्यवस्था एवं शौचालय की व्यवस्था।
  • कारीगरों, मजदूरों, बुनकरों तथा ग्रामीण/शहरी दस्तकारों की क्षमता बढ़ाने व उनकी परेशानियों के ख़ात्मे के लिये अलग से मंत्रालय बनाया जायेगा। इससे जुड़े दक्षता वृद्धि संस्थान की स्थापना की जायेगी जहां पर उपरोक्त श्रेणी के सभी व्यक्तियों को मुफ्त ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी।
  • गरीब, लाचार व असहाय दलितों के हिस्से के अनुसूचित जाति आरक्षण का उपभोग दलित क्रीमीलेयर (सम्पन्न) वर्ग कर के उनका हक छीन रहा है। पीस पार्टी असहाय गरीब, दलितों को उनका हक देकर न्याय देगी।
  • पूर्वांचल राज्य की बुनियाद के साथ हरित प्रान्त, बुन्देलखण्ड का निर्माण ताकि इन क्षेत्रों का चैतरफा विकास हो और यहां की आवाम अपने राज्य के संसाधनों का भरपूर लाभ उठा सके।
  • जनगणना व मतदाता सूची का पुनर्सर्वेक्षण करा कर इनकी अनियमितताओं का खात्मा एवं देश के शहरियों का इस सूची में सौ फीसदी नाम दाखिल कराने की व्यवस्था।
  • घूसखोर राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों, कालाबाजारियों का देश में अन्दर व बाहर जमा काले धन की पहचान कर देश की तरक्की में लगायेगी।
  • आम जन को सत्ता में हिस्सेदारी देने के लिये विधानसभा चुनाव में दस हजार व लोकसभा चुनाव में पचास हजार से ज़्यादा वोट पाने वाले गरीब उम्मीदवारों को चुनाव खर्च के लिये सरकार द्वारा समुचित सहायता उपलब्ध कराया जायेगा।
  • सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा सरकारी ठेके, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं विकास के मदों हेतु आवंटित बजट में आबादी के अनुरूप अतिदलित, अतिपिछड़ा व मुस्लिमों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
  • कानून बना कर वक़्फ़ की सम्पत्ति पर काबिज व्यक्तियों, संस्थाओं को बेदखल कर इनका संरक्षण एवं विकास कराये जाने की व्यवस्था।
  • सच्चर कमीशन के अनुसार मुसलमान शिक्षा में दलितों से भी पिछड़ गया है। पीस पार्टी इन्हें तालीम दिला कर समाज के दूसरे तबकों के साथ तरक़्की का अवसर मुहैया करायेगी और मुसलमानों द्वारा चलाये जाने वाले व स्थापित होने वाले सभी तालीमी एदारों को यू पी बोर्ड व विश्वविद्यालयों से मान्यता दी जायेगी तथा उनके पुनर्निर्माण या स्थापना हेतु कुल खर्च का 50 फीसदी, धन सरकारी तआवुन दिया जायेगा। साथ ही उन तालीमी एदारे की इंतेजामियां को दाखिले में 50 फीसदी सीट पर दाखिले का एख़्तियार होगा, ताकि मुसलमानों को इन एदारों में तालीम हासिल करने का भरपूर अवसर मिले।
  • पीस पार्टी जनतंत्र मोर्चा के 17 सूत्री कार्यक्रम पर अमल कर नये जनतंत्र को बनाने में अपना सहयोग देगी।
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